18 जुलाई: हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने राज्य की परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत मार्च 2027 से आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षाओं में प्रश्न-पत्रों का स्वरूप बदला जाएगा। अब छात्रों का मूल्यांकन केवल रटकर याद किए गए ज्ञान के आधार पर नहीं, बल्कि उनकी तार्किक सोच, विश्लेषण क्षमता और विषय की समझ के आधार पर भी किया जाएगा।
बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक विषय के प्रश्न-पत्र में दो केस स्टडी आधारित प्रश्न अनिवार्य रूप से शामिल किए जाएंगे। इन प्रश्नों में छात्रों को किसी वास्तविक जीवन की स्थिति या संदर्भ का विवरण दिया जाएगा, जिसका विश्लेषण कर उन्हें अपने ज्ञान और तर्क के आधार पर उत्तर देना होगा।
उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य छात्रों को केवल तथ्य याद कराने तक सीमित नहीं रखना, बल्कि विषय की गहरी समझ विकसित करना और उसे व्यवहारिक जीवन में लागू करने की क्षमता बढ़ाना है। इससे विद्यार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन, समस्या समाधान और निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित होगी।
बोर्ड का मानना है कि यह बदलाव छात्रों को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और वास्तविक जीवन की चुनौतियों के लिए बेहतर ढंग से तैयार करेगा। नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए बोर्ड ने प्रश्न-पत्र तैयार करने की प्रक्रिया को भी आधुनिक शैक्षिक मानकों के अनुरूप अपडेट करना शुरू कर दिया है।