8 जुलाई: मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। बुधवार को जारी बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वर्षों तक अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का विरोध किया और अब मंदिर में चढ़ावे की कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ही नहीं, पूरे देश की जनता कांग्रेस के दोहरे रवैये से परिचित है।
कंगना रनौत का यह बयान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताएं केवल धन की चोरी नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मामला हैं। वहीं, प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी कहा था कि यदि ऐसा मामला कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में सामने आता तो भाजपा देशभर में बड़ा आंदोलन खड़ा कर देती।
इन बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कंगना रनौत ने कहा कि भगवान राम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और सदियों के संघर्ष व बलिदान के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण संभव हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस धार्मिक मुद्दों का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रही है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने मंदिरों की निधियों और धार्मिक संस्थानों के संसाधनों पर नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास किया।
रनौत ने कहा कि भाजपा हमेशा सनातन संस्कृति, आस्था और देश की सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है। उन्होंने कहा कि जनता अब कांग्रेस की राजनीति और उसके वास्तविक चरित्र को समझ चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता विकास, सुशासन और जनकल्याण चाहती है, न कि धार्मिक भावनाओं के राजनीतिक उपयोग को।
इस बीच, राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच कर रहे उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने कथित गबन के मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, विवाद के बीच राम मंदिर ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं तथा कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया है।