राजगढ़ के मडेढ़ा गांव में रहस्यमयी कीट का हमला, मक्की की फसल पर गहराया संकट

8 जुलाई, रवि दत्त भारद्वाज : सिरमौर जिले के राजगढ़ उपमंडल के मडेढ़ा गांव से किसानों के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। ग्राम पंचायत टिक्कर के इस गांव में मक्की की फसल पर एक रहस्यमयी कीट का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। किसानों का दावा है कि गांव की आधे से अधिक मक्की की फसल इसकी चपेट में आ चुकी है। यह कीट पौधों के तने में घुसकर उन्हें भीतर से खोखला कर रहा है, जिससे पौधे धीरे-धीरे सूख रहे हैं। किसानों ने कृषि विभाग से तत्काल मौके पर पहुंचकर कीट की पहचान करने और प्रभावी नियंत्रण उपाय अपनाने की मांग की है।

राजगढ़ के मडेढ़ा गांव में इन दिनों मक्की की फसल पर अज्ञात कीट का प्रकोप किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। किसानों के अनुसार यह कीट पौधे के तने के अंदर प्रवेश कर उसे भीतर ही भीतर नुकसान पहुंचाता है। शुरुआत में पौधे सामान्य दिखाई देते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में वे सूखने लगते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी इस तरह के कीट का हमला नहीं देखा, जिससे पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल है।

वर्तमान समय में खेतों में मक्की की गुड़ाई का कार्य चल रहा है। इसी दौरान बड़ी संख्या में संक्रमित पौधों की पहचान हुई है। किसानों को ऐसे पौधों को खेतों से निकालना पड़ रहा है ताकि संक्रमण और न फैले। उनका कहना है कि कीट पौधे के अंदर तक पहुंच जाता है, इसलिए वे प्रभावित पौधों को पशुओं के चारे के रूप में इस्तेमाल करने से भी बच रहे हैं।

किसानों ने बताया कि उन्होंने अपनी ओर से कई प्रकार के कीटनाशकों का छिड़काव किया, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक परिणाम नहीं मिला। लगातार बढ़ते संक्रमण के कारण फसल बचाने की उम्मीद कम होती जा रही है। किसानों को डर है कि यदि समय रहते इस कीट पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो पूरे इलाके की मक्की की फसल को भारी नुकसान हो सकता है।

बाइट – किसान

“हमने पहले कभी ऐसा कीट नहीं देखा। यह तने के अंदर घुसकर पौधे को पूरी तरह खराब कर देता है। दवा डालने के बाद भी कोई असर नहीं हो रहा। कृषि विभाग जल्द आकर इसकी जांच करे और इसका समाधान बताए।”

ग्रामीणों ने कृषि विभाग से मांग की है कि विशेषज्ञों की टीम तत्काल प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करे, कीट की वैज्ञानिक पहचान कर किसानों को उचित सलाह और प्रभावी दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। किसानों का कहना है कि मक्की क्षेत्र की प्रमुख फसल है और यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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