23 जनवरी : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने ऊना में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार पूरी तरह जन-विरोधी बन चुकी है। उन्होंने कहा कि साढ़े तीन साल के कार्यकाल में सरकार ने एक के बाद एक ऐसे फैसले लिए हैं, जिनसे आम जनता पर महंगाई का अभूतपूर्व बोझ पड़ा है और जन-जीवन कठिन हो गया है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने रजिस्ट्रेशन फीस में बढ़ोतरी की, डीजल पर वैट बढ़ाकर आम आदमी की जेब पर सीधा असर डाला। एचआरटीसी बस किरायों में कई गुना वृद्धि कर दी गई और यात्रियों को मिलने वाली छूट समाप्त कर दी गई। डिपुओं में मिलने वाला राशन लगभग बंद कर दिया गया है और जो उपलब्ध है, वह भी पहले से कहीं महंगा है। इसके अलावा बिजली दरों में भारी बढ़ोतरी कर जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला गया है। उन्होंने कहा कि ये सभी फैसले सरकार के जन-विरोधी रवैये को उजागर करते हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अब कांग्रेस सरकार ने बीपीएल श्रेणी पर सीधा कुठाराघात किया है। नई अधिसूचना जारी कर पंचायतों को विश्वास में लिए बिना और जनरल हाउस की बैठकें किए बिना बीपीएल सूची में भारी कटौती कर दी गई। उन्होंने कहा कि जब भाजपा ने इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई तो मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बीपीएल समाप्त नहीं किया गया है और चयन प्रक्रिया दोबारा होगी, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि हाल ही में हुई ग्राम सभाओं में लागू किए गए नियमों के कारण करीब 90 प्रतिशत लोग बीपीएल श्रेणी से बाहर हो गए हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी परिवार में 27 वर्ष या उससे अधिक आयु का पुरुष सदस्य है तो उसे बीपीएल से बाहर कर देना किस तरह का न्याय है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह ‘गरीबी हटाओ’ नहीं बल्कि ‘गरीब हटाओ’ अभियान है—गरीबों को सूची से बाहर करो, तो आंकड़ों में गरीबी अपने-आप खत्म हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकारी भवन खाली पड़े हैं, जबकि गरीब निजी मकानों में रहकर शोषण झेलने को मजबूर हैं। इस पूरी प्रक्रिया से सबसे अधिक नुकसान अनुसूचित वर्ग के लोगों को हो रहा है, जिनके साथ लगातार अन्याय किया जा रहा है।
डॉ. राजीव बिंदल ने प्रदेश सरकार के भीतर चल रही आपसी कलह पर भी निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री और मंत्रियों के बीच खुले मंचों पर आरोप-प्रत्यारोप हो रहे हैं। इसका सीधा असर प्रशासन और विकास कार्यों पर पड़ रहा है। सड़कों की हालत बदतर है, संस्थाएं बंद पड़ी हैं और आपदा-प्रभावित लोग लगातार परेशान हो रहे हैं, जबकि सरकार अंदरूनी लड़ाई में उलझी हुई है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा कांग्रेस सरकार प्रदेश की जनता के लिए आपदा बन चुकी है और अपने ही बोझ तले गिरती नजर आ रही है।