अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोर अमेरिकी डॉलर, फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता को लेकर बढ़ती चिंताओं और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के चलते सोना-चांदी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग ने कीमती धातुओं की कीमतों में तेज उछाल ला दिया।
शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $4,960 प्रति औंस के पार पहुंच गया, जबकि चांदी करीब $97 प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर कारोबार करती दिखी। सप्ताह भर में सोने में 7% से अधिक की तेजी दर्ज की गई। विश्लेषकों के अनुसार, निवेशक बॉन्ड और मुद्राओं से हटकर सोना-चांदी जैसे सेफ-हेवन एसेट्स की ओर रुख कर रहे हैं।
घरेलू बाजार में भी रिकॉर्ड तेजी
भारत में एमसीएक्स पर सोना करीब 4% उछलकर ₹1,56,540 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जबकि इसका लाइफटाइम हाई ₹1,57,086 रहा। वहीं चांदी 0.87% की तेजी के साथ ₹3,26,500 प्रति किलो पर बंद हुई और इसका रिकॉर्ड स्तर ₹3,35,521 प्रति किलो दर्ज किया गया।
फिर क्यों लौटी तेजी?
हाल ही में टैरिफ को लेकर नरम रुख के चलते सोना-चांदी में गिरावट आई थी, लेकिन अब मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, कमजोर डॉलर और बढ़ता वैश्विक तनाव एक बार फिर कीमतों को नई ऊंचाई पर ले गए हैं।