उपलब्धि: पालमपुर के लाल चिराग सरोत्री बने सेना में एएमसी कैप्टन

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आवाज़ इ हिमाचल 

पालमपुर। पालमपुर के लाल ने इलाके का नाम रोशन किया। सुलह के नजदीक गरला देई गांव के युवक चिराग ने भारतीय सेना चिकित्सा कोर (एएमसी) में बतौर कैप्टन ज्वाइन कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। माउंट कार्मेल स्कूल ठाकुरद्वारा से जमा दो कक्षा की शिक्षा प्राप्त करने के बाद चिराग ने महर्षि मार्कंडेय विवि सोलन से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने एएमसी के लिए आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल परीक्षा पास की।  एक वर्ष का प्रशिक्षण लेने के बाद चिराग को भारतीय सेना की मेडिकल कॉर्प्स में बतौर कैप्टन 339 फील्ड अस्पताल होल्टा (पालमपुर) में तैनात किया है। अस्पताल में कार्यभार संभालने के दौरान उन्हें अस्पताल के कमान अधिकारी मेजर सुभाष ने स्टार लगाकर सम्मानित किया।

चिराग ने अपनी सफलता का श्रेय परिजनों को दिया है। चिराग ने विशेषकर चाचा दीप सरोत्री को सफलता का श्रेय दिया है। उनके दादा स्व. जयराम सरोत्री भी सेना में आनरेरी लेफ्टिनेंट सेवानिवृत्त हुए थे। वहीं पिता राज कुमार सरोत्री नौसेना से सेवानिवृत्ति के बाद कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक से भी रिटायर हो चुके हैं। चिराग की मां पवना सुलह सरकारी स्कूल में प्रवक्ता के पद पर कार्यरत हैं। उनके बड़े भाई पराग सरोत्री सेना की कमाऊं रेजीमेंट में मेजर के पद पर कार्यरत हैं।

चिराग ने पालमपुर को नाम रोशन किया है। भारतीय सेना में अपनी सेवा देकर वह देश को सुरक्षित रखने में मदद करना चाहते हैं। बेटे की इस सफलता से उनका परिवार बहुत खुश है।

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