6 जून, रवि दत्त भारद्वाज: राजगढ़ उपमंडल में आगामी मानसून सीजन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। भारी बारिश, भूस्खलन, सड़क अवरोध और अन्य संभावित आपदाओं से निपटने के लिए प्रशासन ने सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में एसडीएम राजगढ़ राजकुमार ठाकुर की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों का जायजा लिया गया और विभिन्न विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
एसडीएम कार्यालय राजगढ़ में आयोजित बैठक में लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, वन विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान एसडीएम राजकुमार ठाकुर ने कहा कि मानसून के दौरान क्षेत्र में भारी वर्षा, भूस्खलन, सड़कें बंद होने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और पेयजल संकट जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ तत्परता से कार्य करना होगा।
उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि उनके अधीन कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी चौबीसों घंटे उपलब्ध रहें तथा अपने मोबाइल फोन सक्रिय रखें। किसी भी आपदा या आपात स्थिति की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रभावित लोगों तक समय रहते राहत एवं बचाव सहायता पहुंचाई जा सके।
बैठक में लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए कि संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की नियमित निगरानी की जाए तथा सड़क बाधित होने की स्थिति में मशीनरी, जेसीबी और श्रमिकों की सहायता से मार्गों को जल्द से जल्द बहाल किया जाए।
वहीं विद्युत विभाग को बिजली आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए विद्युत लाइनों और उपकरणों का निरीक्षण करने तथा आपात परिस्थितियों के लिए अतिरिक्त सामग्री का पर्याप्त भंडारण रखने को कहा गया। जल शक्ति विभाग को भी पेयजल योजनाओं की निगरानी करते हुए लोगों को स्वच्छ और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को आवश्यक खाद्यान्न और राहत सामग्री का पर्याप्त भंडारण रखने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी आपदा प्रभावित क्षेत्र में जरूरतमंद लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके। पुलिस विभाग को भी आपदा प्रबंधन से जुड़े संसाधनों और उपकरणों को तैयार रखने को कहा गया।
बैठक के दौरान खंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. उपासना शर्मा ने बरसात के मौसम में बढ़ने वाली सर्पदंश की घटनाओं को लेकर लोगों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि सांप के काटने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में पहुंचकर चिकित्सकीय उपचार लेना चाहिए।
एसडीएम राजकुमार ठाकुर ने आम लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान नदी-नालों, खड्डों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें। किसी भी आपदा संबंधी सूचना की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
मानसून सीजन शुरू होने से पहले प्रशासन की यह तैयारी संभावित आपदाओं से निपटने की दिशा में अहम मानी जा रही है। प्रशासन का दावा है कि सभी विभागों के बेहतर समन्वय और तत्परता के बल पर किसी भी आपात स्थिति में प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किए जाएंगे।