2017 के चिट्टा-अफीम बरामदगी मामले में दोषी करार, नूरपुर कोर्ट ने सुनाई 3 साल की सजा

26 मई:  जिला कांगड़ा के नूरपुर स्थित माननीय विशेष न्यायाधीश-1 की अदालत ने वर्ष 2017 में दर्ज मादक पदार्थ तस्करी के एक मामले में आरोपी दीपक कुमार को दोषी करार देते हुए विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी को कठोर कारावास के साथ जुर्माना भी लगाया है।

एसपी नूरपुर कुलभूषण वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी दीपक कुमार पुत्र स्वर्गीय जोगिंदर पाल निवासी गांव भदरोया, तहसील नूरपुर जिला कांगड़ा के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद आरोपी को दोषी पाते हुए धारा 21/29 के तहत तीन वर्ष का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को तीन महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

इसके अलावा धारा 18/29 के तहत भी आरोपी को तीन वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई है। वहीं धारा 20/29 के तहत तीन महीने का कठोर कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना न भरने पर 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

एसपी ने बताया कि यह मामला 15 जनवरी 2017 का है। उस समय पुलिस थाना नूरपुर में तैनात मुख्य आरक्षी अशोक कुमार की शिकायत पर एफआईआर संख्या 23/2017 दर्ज की गई थी। पुलिस चौकी कंडवाल की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के घर की तलाशी ली थी, जहां से 200.52 ग्राम हेरोइन (चिट्टा), 46.16 ग्राम अफीम और 4.30 ग्राम चरस बरामद की गई थी।

मामले में आरोपी दीपक कुमार के साथ रज्जो देवी और आकाश कुमार को भी नामजद किया गया था, लेकिन ट्रायल के दौरान दोनों सहआरोपियों की मृत्यु हो गई। इसके बाद मामले में केवल दीपक कुमार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रही।

अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए यह फैसला सुनाया।

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