22 मई: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों के बीच बैलेट पेपर गायब होने के मामलों ने चुनावी प्रक्रिया की सुरक्षा और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोलन के कुनिहार के बाद अब बिलासपुर में भी 50 बैलेट पेपर रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है, जबकि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार बिलासपुर के अंबेडकर भवन में पंचायत चुनावों के लिए बैलेट पेपर लेखन का कार्य चल रहा था। इसी दौरान वार्ड नंबर-1 जंगल सुंगल प्रधान पद से संबंधित बैलेट पेपर क्रम संख्या 58001 से 58050 तक गायब पाए गए। मामला सामने आते ही मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई तथा तुरंत इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई।
खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) सदर बिलासपुर विजय कुमार ने थाना सदर बिलासपुर में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत के अनुसार बैलेट पेपर लेखन कार्य के दौरान राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर में तैनात सहायक आचार्य, जो वर्तमान में एआरओ (सहायक निर्वाचन अधिकारी) के रूप में नियुक्त थे, को संबंधित बैलेट पेपर सौंपे गए थे। जांच के दौरान ये बैलेट पेपर रिकॉर्ड से गायब पाए गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित एआरओ को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। वहीं पुलिस ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1957 की धारा 136(2) और बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि बैलेट पेपर लापरवाही के कारण गायब हुए या इसके पीछे किसी साजिश की आशंका है।
पुलिस अधीक्षक संदीप धवल ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर लिया गया है और हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।