तमिलनाडु में बदला सियासी इतिहास, 59 साल बाद सत्ता में लौटी कांग्रेस

21 मई: तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मुख्यमंत्री और टीवीके संस्थापक सी. जोसेफ विजय ने गुरुवार को अपने 10 दिन पुराने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए सहयोगी दल कांग्रेस को सरकार में शामिल कर लिया। इसके साथ ही करीब 59 साल बाद राज्य की सत्ता में कांग्रेस की वापसी हुई है और तमिलनाडु में पहली बार गठबंधन सरकार का नया दौर शुरू हो गया है।

मुख्यमंत्री विजय ने अपने नौ सदस्यीय मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए 23 नए मंत्रियों को शपथ दिलाई। इनमें कांग्रेस के दो विधायक और टीवीके के 21 विधायक शामिल हैं। राज्यपाल आर. वी. आर्लेकर ने लोक भवन में आयोजित समारोह में सभी मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत वंदे मातरम्, राष्ट्रगान और तमिल थाई वाझ्तु से हुई।

नए मंत्रिमंडल में तीन महिला मंत्रियों को भी जगह दी गई है, जिससे महिला मंत्रियों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। अब तमिलनाडु मंत्रिमंडल में कुल 33 मंत्री हो गए हैं। नए मंत्रियों के विभागों की घोषणा जल्द होने की संभावना है।

कांग्रेस की ओर से विधायक दल के नेता एस. राजेश कुमार और पी. विश्वनाथन को मंत्री बनाया गया है। इनके मंत्री बनने के साथ ही राज्य में कांग्रेस का लगभग छह दशक लंबा इंतजार खत्म हो गया। वर्ष 1967 में कांग्रेस की हार के बाद से तमिलनाडु में द्रमुक और अन्नाद्रमुक का ही दबदबा रहा था।

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह बदलाव तमिलनाडु की राजनीति में एक नए गठबंधन युग की शुरुआत माना जा रहा है। टीवीके ने 2026 विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर लंबे समय से चली आ रही द्रविड़ दलों की एकदलीय राजनीति को बड़ा झटका दिया था। कांग्रेस ने इस बार सत्ता में साझेदारी स्वीकार करते हुए सरकार में शामिल होने का फैसला लिया।

सूत्रों के अनुसार, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और वीसीके के विधायकों को भी भविष्य में मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। वहीं अन्नाद्रमुक के विद्रोही गुट को इस विस्तार में कोई जगह नहीं मिली है।

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि के दिन कांग्रेस नेताओं ने पहले श्रीपेरंबदूर में श्रद्धांजलि अर्पित की और बाद में शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया।

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