20 मई: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने बुधवार को कांगड़ा जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालय गुजरेहड़ा का दौरा कर ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से संवाद कर स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं और चुनौतियों की जानकारी हासिल की। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से आत्मीय बातचीत करते हुए उन्हें आत्मविश्वास और समर्पण के साथ शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और ग्रामीण व दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना बेहद जरूरी है। बेहतर कक्षाओं, स्वच्छता सुविधाओं, डिजिटल शिक्षण संसाधनों और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश की शिक्षा क्षेत्र में उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। उन्होंने शिक्षा मंत्रालय की पीजीआई 2.0 और पीजीआई-डी 2024-25 रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए बताया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में हिमाचल प्रदेश ने देशभर में छठा और राज्यों की श्रेणी में तीसरा स्थान हासिल किया है।
इस दौरान उन्होंने विद्यालयों के रणनीतिक समूह, उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा भी की। राज्यपाल ने शिक्षकों से विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करते रहने का आह्वान किया तथा दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की।