धर्मशाला में विशेष व्याख्यान: महिला रोजगार और 16वें वित्त आयोग पर डॉ. कमल सिंह ने रखे विचार

12 मई, तरसेम जरयाल : हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय क्षेत्रीय केंद्र धर्मशाला के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा 12 मई 2026 को क्षेत्रीय केंद्र के सभागार में एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ. कमल सिंह, सहायक आचार्य, अर्थशास्त्र विभाग, हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय (देहरा कैंपस) मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने “भारत में महिला रोजगार: पीएलएफएस (2017-2024) से साक्ष्य” तथा “16वां वित्त आयोग: प्रमुख मुद्दे, चुनौतियां और 15वें वित्त आयोग से निरंतरताएँ” विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

डॉ. कमल सिंह ने अपने व्याख्यान में कहा कि वित्त आयोग भारत का एक संवैधानिक निकाय है, जिसका गठन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 280 के अंतर्गत राष्ट्रपति द्वारा प्रत्येक पाँच वर्ष में किया जाता है। इसका प्रमुख कार्य केंद्र एवं राज्यों के बीच कर राजस्व के वितरण की अनुशंसा करना तथा राजकोषीय संतुलन सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य देशभर में संसाधनों का संतुलित एवं समावेशी विकास सुनिश्चित करना है।

उन्होंने आगे कहा कि 16वें वित्त आयोग (2026-31) द्वारा राजकोषीय संघवाद में कई महत्वपूर्ण बदलावों की सिफारिश की गई है। इनमें राज्यों को दिए जाने वाले राजस्व घाटा अनुदान को समाप्त करने का प्रस्ताव विशेष रूप से उल्लेखनीय है। इस निर्णय से उन राज्यों पर वित्तीय दबाव बढ़ने की संभावना है, जिन पर ऋण भार अधिक है तथा जो संरचनात्मक राजस्व घाटे से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि इससे राज्यों पर अपने वित्तीय संसाधनों को बढ़ाने की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाएगी।

दूसरे व्याख्यान में डॉ. कमल सिंह ने महिला रोजगार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं में बेरोजगारी का अनुपात अधिक पाया जाता है। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के रोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। यदि इन योजनाओं को स्थानीय, राज्य एवं केंद्रीय स्तर पर सरकारी तथा निजी संस्थानों के सहयोग से प्रभावी रूप से लागू किया जाए, तो महिला रोजगार में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।

इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय क्षेत्रीय केंद्र धर्मशाला के निदेशक प्रो. कुलदीप कुमार अत्री, प्रो. डी.पी. वर्मा (प्राचार्य, विधि विभाग), डॉ. किशोर कुमार (संयोजक, अर्थशास्त्र विभाग), डॉ. राम रतन, कंचन वल्ला तथा हिंदी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. संदीप कुमार धीमान उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में मुख्य वक्ता डॉ. कमल सिंह को अर्थशास्त्र विभाग की ओर से स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण-पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।

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