12 मई: दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने राष्ट्रीय राजधानी में जब्त किए गए लगभग 1,700 किलोग्राम मादक पदार्थों के निपटान की निगरानी करते हुए कहा कि इन पदार्थों का निस्तारण अपराध पर कानून और नशे पर उम्मीद की जीत का प्रतीक है।
अधिकारियों के अनुसार, इन मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 72 करोड़ रुपये थी। इस मौके पर उन्होंने दिल्ली में 2027 तक नशामुक्त अभियान के तहत पहले समर्पित ‘मादक पदार्थ-रोधी कार्य बल’ (एएनटीएफ) पुलिस थाने की स्थापना को मंजूरी देने की घोषणा की।
उपराज्यपाल ने कहा कि यह कदम केवल जब्त मादक पदार्थों को नष्ट करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उस पूरे नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में है जो युवाओं, परिवारों और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने इसे कानून और उम्मीद की जीत बताया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में ‘नशामुक्त भारत’ अभियान को राष्ट्रीय जिम्मेदारी और सामाजिक आंदोलन करार दिया। साथ ही बताया कि दिल्ली पुलिस तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए वित्तीय जांच, संपत्ति कुर्की और प्रवर्तन कार्रवाई पर जोर दे रही है। ‘नशा नॉट कूल’ जैसे जागरूकता अभियानों को भी और मजबूत किया जा रहा है।