आवाज़ ए हिमाचल
27 अगस्त । हिमाचल प्रदेश में सेब के दामों में भारी गिरावट के बाद मुख्यमंत्री का मार्केट में कम फसल भेजने का सुझाव बागवानों के गले नहीं उतर रहा। बागवानों का कहना है कि पकने के बाद सेब नहीं तोड़ा तो फसल बरबाद हो जाएगी। अधिक पकने की सूरत में सेब पेड़ों से झड़ जाएगा। मौजूदा समय में फसल को रोकना संभव नहीं है। बागवानों ने सरकार से सीए स्टोर की सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग उठाई है।
राज्य में सरकारी क्षेत्र के कोल्ड स्टोरों की क्षमता महज 20 से 30 हजार मीट्रिक टन है। इसलिए बाहरी राज्यों के सीए स्टोर में प्रदेश के बागवानों की फसल रखने की व्यवस्था की सरकार से मांग उठाई जा रही है। बागवानों ने सरकार से कश्मीर की तर्ज पर नेफेड के जरिये एमआईएस के तहत सेब खरीद करने की भी मांग उठाई है।
कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद तनाव की स्थिति के चलते केंद्र सरकार ने नेफेड के जरिये सेब उत्पादकों के लिए डायरेक्ट बेनिफिट स्कीम लागू की थी और पांच हजार करोड़ का सेब खरीदा था। इसी तर्ज पर हिमाचल में भी सेब खरीद की मांग उठाई जा रही है।