28 फरवरी: आईआरजी (इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च एंड ग्रोथ) ने नेस्ले अनुसंधान एवं विकास के सहयोग से संचालित ‘प्रोजेक्ट प्रत्युषा’ के अंतर्गत क्षेत्र के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में “आयुष कॉर्नर” स्थापित किए हैं। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में पारंपरिक एवं संतुलित आहार के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
आयुष कॉर्नर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय वार्ड नं. 2 बद्दी, गल्लेरवाला, चनालमाजरा, बिल्लावाली, राजकीय उच्च विद्यालय गुणाई बदौनिघाट, राजकीय महाविद्यालय नालागढ़ तथा राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल नालागढ़ में स्थापित किए गए हैं।
इन कॉर्नरों में विद्यार्थियों के लिए विशेष पुस्तिकाएं, विवरणिका और जागरूकता सामग्री उपलब्ध कराई गई है, जिनके माध्यम से छात्र-छात्राएं आयुष आहार, मोटे अनाज तथा कम लागत में पौष्टिक व्यंजन तैयार करने की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
कार्यक्रम अधिकारी बलजिंदर सिंह ने बताया कि आयुष कॉर्नर स्थापित करने से पहले संबंधित विद्यालयों में नुक्कड़ नाटक और जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। विद्यार्थियों से मूल्यांकन प्रपत्र भी भरवाए गए, ताकि आयुष विषयक जानकारी और जागरूकता के स्तर का आकलन किया जा सके।
विद्यालयों के प्रधानाचार्यों तथा राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल नालागढ़ के एडीएसएमओ डॉ. नीरज झुल्का ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि विद्यालय स्तर पर आयुष एवं पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है।
आईआरजी ने बताया कि प्रोजेक्ट प्रत्युषा के माध्यम से अधिक से अधिक संस्थानों तक पहुंच बनाकर बच्चों और युवाओं को स्वास्थ्य, पोषण एवं आयुष आधारित जीवनशैली के प्रति जागरूक किया जाएगा।