हिमाचल में शादी से पहले मिलेगी ‘प्री-मैरेटल काउंसलिंग’, हर जिले में खुलेंगे संवाद केंद्र

20 फरवरी: प्रदेश में बढ़ते घरेलू विवादों और पारिवारिक कलह के मामलों को देखते हुए हिमाचल सरकार ने विवाह से पहले युवाओं को जागरूक करने की नई पहल शुरू करने का निर्णय लिया है। ‘तेरे-मेरे सपने’ नामक इस पहल के तहत हर जिले में प्री-मैरेटल कम्युनिकेशन सेंटर (विवाह पूर्व संवाद केंद्र) स्थापित किए जाएंगे।

महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, इन केंद्रों का उद्देश्य विवाह से पूर्व युवक-युवतियों को संवाद कौशल, आपसी समझ, जिम्मेदारियों के संतुलन और वैवाहिक जीवन की चुनौतियों के प्रति तैयार करना है।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, कांगड़ा जिले में घरेलू विवादों के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2025-26 के नवंबर तक 546 मामले दर्ज हुए, जबकि वर्ष 2024-25 में कुल 798 मामले सामने आए थे। अब तक 275 जोड़ों के बीच समझौता कराया जा चुका है, जबकि 139 मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं।

विश्लेषण में घरेलू कलह के प्रमुख कारणों में नशे की प्रवृत्ति और आपसी अपेक्षाओं का बढ़ता दबाव सामने आया है। देहरा ब्लॉक में सर्वाधिक और नगरोटा सूरियां में अपेक्षाकृत कम मामले दर्ज किए गए हैं।

राष्ट्रीय महिला आयोग के निर्देशों के बाद मुख्य सचिव ने सभी जिलों को इन केंद्रों की स्थापना के निर्देश दिए हैं। कांगड़ा जिले में प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक पंकज ललित ने बताया कि इन केंद्रों के माध्यम से युवाओं को वैवाहिक जीवन की वास्तविकताओं से अवगत कराया जाएगा, ताकि वे मजबूत आधार के साथ नई शुरुआत कर सकें।

सरकार की यह पहल पारिवारिक संबंधों को मजबूत करने और भविष्य के विवादों को कम करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।

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