18 फरवरी: सुंगल गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। व्यासपीठ से कथा वाचक आचार्य संजय शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण जन्म का भावपूर्ण वर्णन किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा और पंडाल जयघोष से गूंज उठा।
आचार्य शास्त्री ने श्रीकृष्ण अवतार के प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि जब अधर्म और अत्याचार बढ़ा, तब भगवान ने श्रीकृष्ण रूप में अवतार लेकर धर्म की स्थापना का संदेश दिया। उन्होंने देवकी-वासुदेव की कारागार में स्थिति, मध्यरात्रि का दिव्य क्षण और भगवान के जन्म से जुड़े प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावुक हो उठे।
कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर पंडाल को आकर्षक ढंग से सजाया गया। रात्रि में बारह बजे शंखनाद और घंटियों की ध्वनि के बीच बाल गोपाल का जन्मोत्सव मनाया गया। श्रद्धालुओं ने लड्डू गोपाल के दर्शन कर आरती उतारी और मंगलगीत गाए। भजन मंडली द्वारा प्रस्तुत भजनों पर उपस्थित जनसमूह ने भक्ति भाव से सहभागिता की।
कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। आयोजन समिति की ओर से प्रसाद वितरित किया गया। आचार्य संजय शास्त्री ने अपने संदेश में कहा कि श्रीकृष्ण जन्मोत्सव हमें धर्म, प्रेम और करुणा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
सुंगल में चल रही श्रीमद् भागवत कथा प्रतिदिन श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक चिंतन और संस्कारों की ओर प्रेरित कर रही है।