बी.वॉक कोर्स बना रोजगारपरक शिक्षा का सशक्त मॉडल, बजट सत्र में विशेष प्रावधान की मांग

17 फरवरी: हिमाचल प्रदेश के 20 राजकीय महाविद्यालयों में संचालित बी.वॉक (Bachelor of Vocation) कोर्स आज कौशल आधारित उच्च शिक्षा का प्रभावी मॉडल बनकर उभरा है। यह कोर्स केवल डिग्री तक सीमित न रहकर हजारों युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का माध्यम बना है। बी.वॉक एसोसिएशन ने आगामी बजट सत्र में इस कोर्स के लिए विशेष बजटीय प्रावधान करने और इसके विस्तार की मांग उठाई है।

एसोसिएशन के अनुसार, आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले अनेक विद्यार्थियों ने कौशल विकास भत्ते की सहायता से अपनी पढ़ाई जारी रखी और आज प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कंपनियों जैसे ताज, ओबरॉय, हयात, मेरियट, रेडिसन ब्लू, लेमन ट्री, रिलायंस, टाटा सहित विभिन्न ब्रांड्स में रोजगार प्राप्त किया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब तक 1,794 विद्यार्थियों को प्लेसमेंट मिल चुकी है, जबकि कई संस्थानों में 100 प्रतिशत तक प्लेसमेंट के उदाहरण सामने आए हैं। कुछ विद्यार्थियों ने स्वरोजगार अपनाकर अपने स्टार्टअप भी स्थापित किए हैं।

बी.वॉक विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। मुंबई के नासिक में आयोजित राष्ट्रीय युवा महोत्सव में ‘Youth as Job Creators in the Hotel Industry’ विषय पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया। साथ ही चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय उद्यमिता प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त कर प्रदेश का नाम रोशन किया।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा और स्वरोजगार से जोड़ने की प्राथमिकता के अनुरूप बी.वॉक कोर्स महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा भी इसे प्रदेश का सफल रोजगारपरक प्रयोग बताते हुए इसके विस्तार की आवश्यकता पर बल दे चुके हैं।

हाल ही में बी.वॉक एसोसिएशन की बैठक हमीरपुर में अध्यक्ष कुश भारद्वाज और महासचिव ललित ठाकुर के नेतृत्व में आयोजित की गई, जिसमें नौ कॉलेजों के वोकेशनल ट्रेनर्स ने भाग लिया। बैठक में उद्योगों से समन्वय, प्लेसमेंट की प्रगति और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि उद्योगों के साथ तालमेल और मजबूत कर विद्यार्थियों को और अधिक जॉब-रेडी बनाया जाएगा। साथ ही एक रिसर्च सेल के गठन का प्रस्ताव भी रखा गया, जो उच्च शिक्षा और शोध के इच्छुक विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान करेगा।

एसोसिएशन ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि बी.वॉक को अतिरिक्त शिक्षा बजट के बजाय मुख्य शिक्षा बजट में शामिल किया जाए, ताकि प्रयोगशालाओं और प्रशिक्षण सुविधाओं को आधुनिक बनाया जा सके। सदस्यों ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि बजट में विशेष प्रावधान किया जाता है, तो यह कार्यक्रम प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त करेगा।

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