15 फरवरी: हिमाचल प्रदेश में एम्बुलैंस कर्मचारी यूनियन की हड़ताल शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रही। मंडी के चौहाटा बाजार में कर्मचारियों ने विरोध स्वरूप प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इससे पहले कर्मचारियों ने शहर में रोष प्रकट करते हुए सांकेतिक शव यात्रा भी निकाली।
प्रदर्शन का नेतृत्व सीटू जिला प्रधान भूपेंद्र सिंह, महासचिव राजेश शर्मा, यूनियन प्रधान सुमित कुमार और महासचिव पंकज कुमार सहित अन्य पदाधिकारियों ने किया।
यूनियन नेताओं ने सरकार और मेडसवान कंपनी पर कर्मचारियों को निर्धारित न्यूनतम वेतन न देने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि कर्मचारियों को वर्तमान में लगभग 5,700 रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है, जबकि सरकारी मानकों के अनुसार 13,750 रुपये दिए जाने चाहिए। साथ ही, ओवरटाइम का भुगतान भी नियमानुसार नहीं किया जा रहा है।
यूनियन का यह भी आरोप है कि कंपनी द्वारा वेतन में ओवरटाइम और हाउस रेंट को शामिल कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, कंपनी के हिस्से का भविष्य निधि (पीएफ) अंशदान भी कर्मचारियों के वेतन से काटे जाने की बात कही गई है।
नेताओं ने बताया कि 6 फरवरी को शिमला में स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल और स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
यूनियन ने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि रविवार को गांधी चौक पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष सांकेतिक प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं सोमवार को शिमला स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध निदेशक कार्यालय का घेराव करने की योजना है।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।