14 फरवरी: हिमाचल प्रदेश में बीएसएनएल नेटवर्क की खराब गुणवत्ता और बार-बार कॉल ड्रॉप की समस्या को लेकर केंद्र सरकार ने संसद में भरोसा दिलाया है कि राज्य में दूरसंचार ढांचे को मजबूत किया जाएगा। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने लोकसभा में बताया कि बीएसएनएल सर्किलों की मासिक और त्रैमासिक प्रदर्शन समीक्षा शुरू की गई है, जिसमें केबल फॉल्ट, मरम्मत समयसीमा और बेस ट्रांससीवर स्टेशन (BTS) अपटाइम पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लक्ष्य कम से कम 95 प्रतिशत अपटाइम सुनिश्चित करना है।
शिमला के सांसद सुरेश कश्यप ने कर्मचारियों की भारी कमी और दूरदराज क्षेत्रों में नेटवर्क फेल होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि एसडीई के 192 पदों में से केवल 81, जेटीओ के 282 में से 165 और जेई के 177 में से 110 पद ही भरे हुए हैं, जिससे सेवाओं के रखरखाव में दिक्कत आ रही है।
मंत्री ने बताया कि डिजिटल इंडिया फंड और विशेष संपर्क योजनाओं के तहत दूरदराज और पहाड़ी क्षेत्रों में लगभग 21,000 टेलीकॉम टावर लगाने की योजना है, जिनमें से 17,000 स्थापित किए जा चुके हैं। केंद्र सरकार ने हिमाचल में दूरसंचार सेवाओं में सुधार के लिए प्रतिबद्धता दोहराई है।