14 फरवरी: हिमाचल प्रदेश में नशे की समस्या को लेकर पुलिस मैपिंग के दौरान चिंताजनक तथ्य सामने आए हैं। प्रदेश की कुल लगभग 3577 पंचायतों में से करीब 1500 पंचायतों में नशे की गतिविधियां पाई गई हैं। इनमें से 234 पंचायतों में चिट्टे (हेरोइन) के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पंचायत स्तर पर नशा निवारण समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों में पंचायत प्रतिनिधियों के साथ संबंधित विभागों के अधिकारी भी शामिल हैं। समितियां नशे की रोकथाम, जागरूकता और नशे के आदी लोगों के पुनर्वास को लेकर कार्य कर रही हैं। पंचायत स्तर से रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जाती है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाती है।
डीजीपी अशोक तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर यह अभियान पंचायत स्तर तक लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ व्यापक जागरूकता अभियान भी चला रही है और इस मुहिम में युवाओं का सहयोग मिल रहा है।