13 फरवरी:रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) बंद होने के मुद्दे पर हिमाचल सरकार द्वारा होटल पीटरहॉफ, शिमला में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में 16वें वित्त आयोग द्वारा आरडीजी समाप्त करने की सिफारिश और उससे उत्पन्न वित्तीय स्थिति पर चर्चा की गई।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भाजपा पर सहयोग न करने का आरोप लगाया। वहीं संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि भाजपा के प्रतिनिधि टकराव की मंशा से बैठक में आए थे।
बैठक में भाजपा की ओर से प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सहित अन्य विधायक उपस्थित रहे। भाजपा ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर अपना विस्तृत पक्ष रखते हुए कहा कि आरडीजी बंद होना पूर्व वित्त आयोगों की सिफारिशों के अनुरूप चरणबद्ध प्रक्रिया का हिस्सा है और इसे अचानक लिया गया निर्णय बताना उचित नहीं है।
डॉ. बिंदल ने केंद्र से प्राप्त वित्तीय सहायता और विभिन्न परियोजनाओं के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में हिमाचल को केंद्रीय योजनाओं, टैक्स डिवोल्यूशन और अवसंरचना परियोजनाओं के तहत पर्याप्त सहयोग मिला है। उन्होंने राज्य सरकार पर वित्तीय प्रबंधन में कमी का आरोप लगाया।
बैठक के दौरान बयानबाज़ी को लेकर विवाद भी हुआ, जिसके बाद भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने विरोध दर्ज कराते हुए बैठक बीच में छोड़ दी। दोनों पक्षों ने प्रदेश हित में आगे भी चर्चा जारी रखने की बात कही है।