13 फरवरी: हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज और शहरी निकाय चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। शीर्ष अदालत ने कहा है कि 31 मई से पहले हर हाल में चुनाव कराए जाएं और पुनर्सीमांकन के नाम पर संवैधानिक संस्थाओं के चुनाव टाले नहीं जा सकते।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश जयमाल्या बागची की खंडपीठ ने यह आदेश सुनाया। इससे पहले हिमाचल हाईकोर्ट ने 30 अप्रैल तक चुनाव करवाने के निर्देश दिए थे। अब सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को एक माह का अतिरिक्त समय देते हुए 31 मई की अंतिम समयसीमा तय कर दी है।
राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में हालिया आपदा और भारी बारिश का हवाला देते हुए कहा था कि कई क्षेत्रों में बहाली कार्य जारी है और आपदा प्रबंधन अधिनियम लागू होने के कारण तत्काल चुनाव संभव नहीं हैं। सरकार ने यह भी तर्क दिया कि चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के लिए अधिक समय आवश्यक है।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि संवैधानिक संस्थाओं के चुनाव में अनावश्यक देरी स्वीकार्य नहीं है और तय समयसीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए