11 फ़रवरी: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के भराड़ी थाना क्षेत्र में एक संवेदनशील मामला सामने आया है। एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष के कुछ सदस्यों पर उसकी निजी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी सार्वजनिक करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसकी बीमारी से जुड़ी गोपनीय जानकारी को जानबूझकर गांव और आसपास के लोगों में साझा किया गया, जिससे उसे सामाजिक असहजता और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित का कहना है कि इस तरह की जानकारी को कानून के तहत गोपनीय रखा जाना अनिवार्य है।
मामले की पुष्टि करते हुए एसपी बिलासपुर संदीप धवल ने बताया कि एचआईवी/एड्स (रोकथाम एवं नियंत्रण) अधिनियम के तहत किसी भी व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और पहचान को गोपनीय रखना आवश्यक है। बिना संबंधित व्यक्ति की अनुमति के ऐसी जानकारी साझा करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है।
पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है और मामले की जांच की जा रही है। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति की निजी स्वास्थ्य जानकारी को फैलाने से बचें और ऐसे मामलों में संवेदनशील एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाएं।