06 फरवरी: हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के कसौली क्षेत्र में नवविवाहिता की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। कुठाड़ के समीप शनौगी गांव में हुई इस घटना को आरोपी आत्महत्या का रूप देने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कसौली पुलिस की जांच ने पूरी साजिश को बेनकाब कर दिया। मामले में मुख्य आरोपी पति के बाद अब उसके भाई और भतीजी को भी हत्या की साजिश में शामिल पाए जाने पर गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, मलेरा क्षेत्र के शनौगी गांव निवासी चत्तर सिंह और सुमन का विवाह 23 नवंबर 2025 को हुआ था। शादी के कुछ ही समय बाद सुमन के मायके में रहने को लेकर दोनों के बीच तनाव रहने लगा। 31 जनवरी की रात विवाद इतना बढ़ गया कि चत्तर सिंह ने कथित तौर पर सुमन का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद खुद को बचाने के लिए उसने अपने भाई नरेंद्र सिंह और भतीजी निकिता के साथ मिलकर इसे आत्महत्या दिखाने की साजिश रची।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने जानबूझकर सुमन के शव पर धारदार हथियार से चोट के निशान बनाए और चत्तर ने खुद के साथ-साथ भतीजी के चेहरे पर भी चाकू से हल्की चोटें पहुंचाईं, ताकि संघर्ष का झूठा दृश्य बनाया जा सके। इसके बाद सुमन के परिजनों को फोन कर यह कहानी गढ़ी गई कि वह मानसिक रूप से असंतुलित हो गई थी और कमरे में खुद को बंद कर लिया है। हालांकि, मौके की फॉरेंसिक जांच में दरवाजा तोड़े जाने या जबरन प्रवेश के कोई सबूत नहीं मिले।
आईजीएमसी शिमला में हुए पोस्टमार्टम से यह साफ हो गया कि सुमन की मौत गला घोंटने से हुई थी और शरीर पर मौजूद घाव मृत्यु के बाद बनाए गए थे। वहीं, आरोपियों के मेडिकल परीक्षण में डॉक्टरों ने पाया कि चत्तर सिंह और निकिता की चोटें खुद से लगाई गई थीं।
पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और गहन पूछताछ के आधार पर इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाई। सुमन के पति चत्तर सिंह को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि 5 फरवरी को उसके भाई और भतीजी को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा और मामले की जांच आगे भी जारी है।