कांगड़ा जिले में 304 सीएससी केंद्रों से घर-द्वार पर मिल रहीं डिजिटल सेवाएं

13 अक्तूबर: कांगड़ा जिले में ग्रामीण नागरिकों को घर-द्वार के नजदीक सरकारी और डिजिटल सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए 304 कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों की स्थापना और संबंधित गतिविधियों पर अब तक 14.89 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी सेवाएं उपलब्ध होने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं।

राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) और कॉमन सर्विस सेंटर नेटवर्क के समन्वय से ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं और ई-गवर्नेंस को मजबूत किया जा रहा है। इसके तहत ग्राम पंचायत भवनों में सीएससी स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए शहरों और सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।

जिला पंचायत अधिकारी सचिन ठाकुर ने बताया कि कांगड़ा जिले में स्थापित सीएससी के माध्यम से नागरिकों को एक ही स्थान पर 170 से अधिक डिजिटल और ई-गवर्नेंस सेवाएं उपलब्ध करवाने की व्यवस्था है। इनमें आधार नामांकन और बायोमेट्रिक अपडेट, बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाएं, डिजी-पे के माध्यम से नकद निकासी, ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं तथा जन्म, मृत्यु, आय और जाति प्रमाण-पत्र से संबंधित सेवाएं शामिल हैं। इससे ग्रामीणों के समय और आने-जाने पर होने वाले खर्च की बचत हो रही है।

ग्राम पंचायत भवनों में स्थापित किए जा रहे सीएससी को सिंगल विंडो सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों के प्रभावी संचालन के लिए बिजली, इंटरनेट कनेक्टिविटी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में पंचायत भवन उपलब्ध नहीं हैं, वहां इनके निर्माण के लिए राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत सहायता का प्रावधान किया गया है।

सीएससी के संचालन में विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर (वीएलई) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इनके माध्यम से ग्रामीणों को ऑनलाइन और डिजिटल सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। साथ ही, स्थानीय स्तर पर युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार एवं उद्यमिता के अवसर भी पैदा हो रहे हैं। वीएलई, पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित कर्मचारियों को डिजिटल सेवाओं, ऑनलाइन पोर्टल तथा ई-गवर्नेंस प्रणालियों के संचालन के लिए प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

धर्मशाला के समीप बल्ला जदरांगल में सीएससी संचालित कर रहे स्नातक मनोज कुमार और चैतड़ू में केंद्र चलाने वाले सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक एवं एमबीए डिग्रीधारक साहिल ने बताया कि इस पहल से उन्हें अपने क्षेत्र के नजदीक स्वरोजगार का अवसर मिला है। वे ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी एवं डिजिटल सेवाएं उपलब्ध करवाकर उनकी सहायता करने के साथ अपनी आजीविका भी चला रहे हैं।

बल्ला जदरांगल की ग्रामीण रुचि और सीमा तथा चैतड़ू की पलक ने बताया कि गांव के नजदीक सीएससी की सुविधा मिलने से सरकारी सेवाओं और दस्तावेजों से जुड़े कार्य करवाने के लिए दूर नहीं जाना पड़ता। इससे उनके समय और यात्रा खर्च की बचत हो रही है तथा कई आवश्यक सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो रही हैं।

उपायुक्त हेमराज बैरवा ने बताया कि कांगड़ा जिले में अब तक लगभग 304 कॉमन सर्विस सेंटर स्थापित किए जा चुके हैं। इन केंद्रों के माध्यम से लोगों को सरकार की विभिन्न योजनाओं और जनहित से जुड़ी सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि समय की आवश्यकता को देखते हुए सीएससी को धीरे-धीरे पंचायत मुख्यालयों में स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके लिए आरजीएसए के तहत भी कई स्थानों का चयन किया गया है और प्रक्रिया जारी है।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों को उनके घर-द्वार के नजदीक सरकारी सेवाएं उपलब्ध करवाना है, ताकि उन्हें छोटे-छोटे कार्यों के लिए जिला मुख्यालय और अन्य सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। इससे ग्रामीणों को सुविधाजनक तरीके से सेवाओं का लाभ मिलेगा और पंचायत स्तर पर डिजिटल सुविधाओं को और मजबूती मिलेगी।

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