धर्मशाला छात्रा मौत मामला: आरोपी प्रोफेसर के लाई डिटेक्टर, ब्रेन व वॉयस टेस्ट, रिपोर्ट का इंतजार

05 फरवरी: राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला की छात्रा की मौत, रैगिंग और यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी सहायक प्राध्यापक के लाई डिटेक्टर (पॉलीग्राफ), ब्रेन मैपिंग और वॉयस स्ट्रेस टेस्ट शिमला में तीन दिन तक कराए गए। इन सभी परीक्षणों के दौरान जांच अधिकारी डीएसपी निशा कुमारी मौके पर मौजूद रहीं।

पुलिस ने इन वैज्ञानिक परीक्षणों के लिए न्यायालय से पूर्व अनुमति प्राप्त की थी। अब पुलिस को इन टेस्टों की रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट के विश्लेषण के बाद यह तय किया जाएगा कि आरोपी का नार्को टेस्ट करवाने की आवश्यकता है या नहीं। यदि जरूरत पड़ी तो नार्को टेस्ट दिल्ली में करवाया जाएगा।

पुलिस ने मामले से जुड़े तीन मोबाइल फोन डिजिटल जांच के लिए क्षेत्रीय फोरेंसिक प्रयोगशाला धर्मशाला भेजे हैं, हालांकि उनकी रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। आरोपी सहायक प्राध्यापक और दो छात्राओं को 13 फरवरी तक अंतरिम जमानत मिली हुई है और वे जांच में सहयोग कर रहे हैं।

कांगड़ा के पुलिस अधीक्षक अशोक रत्न ने बताया कि मामले की जांच जारी है और आरोपी के वैज्ञानिक परीक्षण पूरे कर लिए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

मामला संक्षेप में

वर्ष 2024 में छात्रा ने बीए प्रथम वर्ष में दाखिला लिया था। जुलाई 2025 में परीक्षा परिणाम घोषित हुआ, जिसमें वह अनुत्तीर्ण रही, बावजूद इसके वह बीए द्वितीय वर्ष की कक्षाओं में भाग ले रही थी। 20 दिसंबर को छात्रा के पिता ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर बेटी को प्रताड़ित किए जाने की शिकायत दर्ज करवाई।

24 दिसंबर को छात्रा को डीएमसी लुधियाना में भर्ती करवाया गया, जहां 26 दिसंबर को उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। 30 दिसंबर को छात्रा का अंतिम बयान वाला वीडियो सामने आया। इसके बाद 1 जनवरी को छात्रा के पिता की शिकायत पर पुलिस ने सहायक प्राध्यापक और चार छात्राओं के खिलाफ रैगिंग व यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया।

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