05 फरवरी: उत्तराखंड में एचआरटीसी की बस दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद मौके पर उस समय अफरातफरी मच गई, जब पुलिस को नोटों से भरा एक बैग मिला। हादसे में तीन लोगों की मौत और कई यात्री घायल हुए थे। इसी बीच पैसों से भरे बैग को लेकर कुछ लोग उसे अपना बताकर आपस में झगड़ने लगे।
बैग में करीब 3 लाख 20 हजार रुपये मौजूद थे। पैसों को देखकर कुछ लोग इसे दुर्घटना में घायल अपने रिश्तेदार का बताते हुए मारपीट पर उतर आए। स्थिति बिगड़ती देख थाना प्रभारी कालसी दीपक धारीवाल ने तुरंत बैग को पुलिस कब्जे में ले लिया और मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी।
इसके बाद पुलिस ने बस हादसे में घायल एक यात्री से फोन पर संपर्क किया। जांच में सामने आया कि नोटों से भरा बैग सहारनपुर निवासी अब्दुल कयूम का है, जो नेरवा में क्रॉकरी की दुकान चलाता है। दुर्घटनाग्रस्त बस की तलाशी के दौरान बैग से अब्दुल कयूम का पैन कार्ड और फोटो पहचान पत्र भी बरामद हुआ।
नायब तहसीलदार राजेन्द्र लाल की मौजूदगी में और उपमंडलाधिकारी चकराता की संतुष्टि के बाद बैग घायल यात्री के परिजनों को सौंप दिया गया। अब्दुल कयूम की बेटी सानिया ने बैग प्राप्त किया। हादसे के समय अब्दुल कयूम को विकासनगर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
हादसे की सूचना मिलने के बाद शिमला जिला प्रशासन की टीम एडीएम लॉ एंड ऑर्डर पंकज शर्मा और नायब तहसीलदार चंद वर्मा के नेतृत्व में विकासनगर अस्पताल पहुंची। टीम ने घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और राहत राशि वितरित की। प्रशासन की ओर से सामान्य घायलों को 5-5 हजार रुपये, रेफर किए गए घायलों को 10-10 हजार रुपये और मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये की फौरी सहायता प्रदान की गई। उपायुक्त शिमला ने उत्तराखंड प्रशासन और स्थानीय एजेंसियों द्वारा किए गए त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन की सराहना की।