04 फरवरी शाहपुर (कांगड़ा):
विद्यार्थी संस्कार शिविर के अंतर्गत वरिष्ठ राजकीय माध्यमिक विद्यालय दुरगेला, तहसील शाहपुर जिला कांगड़ा में पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के तत्वावधान में एक नि:शुल्क योग शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर योगाचार्य एवं पूर्णकालिक सेवाव्रती रजनेश कुमार द्वारा संचालित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
योगाचार्य रजनेश कुमार ने विद्यार्थियों को अष्टांग योग का महत्व बताते हुए कहा कि योग के माध्यम से यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि तक की यात्रा संभव है। उन्होंने बच्चों को जंक फूड, मैदे से बनी वस्तुएं, कोल्ड ड्रिंक और मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से दूर रहने की अपील की। साथ ही श्रीमद्भगवद् गीता और रामायण के जीवनोपयोगी संदेशों पर भी प्रकाश डाला।
शिविर के दौरान योगिंग-जॉगिंग, सूर्य नमस्कार, सूक्ष्म व्यायाम, विभिन्न योगासन तथा भस्त्रिका, कपालभाति, उज्जायी और अनुलोम-विलोम प्राणायाम का अभ्यास करवाया गया। योगाचार्य ने बताया कि यदि व्यक्ति प्रतिदिन योग-प्राणायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करे तो वह रोगमुक्त और स्वस्थ जीवन जी सकता है।
योग शिविर में दैनिक दिनचर्या, संतुलित खान-पान, अध्यात्म और गुरु महिमा पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि माता-पिता के बाद गुरु ही जीवन को सही दिशा देते हैं। शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से किया गया और समापन सिंहासन, हास्यासन तथा शांति पाठ के साथ हुआ।
विद्यालय के प्रधानाचार्य बिरेन्द्र गुलेरिया ने कहा कि महर्षि पतंजलि द्वारा प्रतिपादित योग दर्शन आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक है। योग को अपनाकर युवा पीढ़ी नशे, अवसाद और भटकाव से बच सकती है तथा संस्कारवान और देशभक्त नागरिक बन सकती है।
शिविर में प्राचार्य लोकेश नंदन, राजेश डोगरा, रविकांत, संजय, सुनील, प्रेमलता, श्वेता, त्रिप्ता सहित 224 छात्र-छात्राओं व विद्यालय स्टाफ ने भाग लिया और योग को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में तेजपत्ता का औषधीय पौधा लगाकर पौधारोपण भी किया गया।
कार्यक्रम में पतंजलि योगपीठ एवं भारत स्वाभिमान ट्रस्ट हिमाचल प्रदेश के राज्य कार्यकारिणी सदस्य एवं जिला कांगड़ा-चंबा मंडल प्रभारी राम तीर्थ शर्मा और योग प्रचारक रजिंद्र सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।