1 फरबरी: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार 3.0 के तीसरे और अपने लगातार नौवें आम बजट को संसद में पेश करते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ा भरोसा जताया। बजट भाषण की शुरुआत में उन्होंने कहा कि भारत बहुत जल्द दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य फोकस गरीब, किसान, युवा और रोजगार पर रहा है। विकास समर्थक नीतियों और सुधारों का असर जीडीपी पर भी साफ नजर आया है, जो 7 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है। उन्होंने घरेलू उत्पादन बढ़ाने और वैश्विक बाजार में भारत की भागीदारी मजबूत करने पर जोर दिया।
बजट भाषण की प्रमुख 10 बातें
• यह बजट युवा शक्ति, किसान, गरीब और मध्यम वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
• राजस्व घाटा घटाने और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने पर विशेष फोकस।
• उत्पादकता बढ़ाने, वैश्विक अनिश्चितताओं से निपटने और समावेशी विकास की रणनीति।
• आधारभूत ढांचे के विस्तार और मजबूत निवेश माहौल पर जोर।
• रोजगार सृजन और व्यापार सुधार को प्राथमिकता।
• सार्वजनिक निवेश को आर्थिक विकास का मुख्य आधार बताया गया।
• EMS PLI योजना को बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव।
• तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश में रेयर अर्थ मिनरल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे।
• MSME ग्रोथ फंड के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान।
• सेमीकंडक्टर को बढ़ावा देने के लिए ISM 2.0 की शुरुआत और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हेतु 40,000 करोड़ रुपये का आवंटन।
वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट भारत को आत्मनिर्भर, तकनीकी रूप से मजबूत और वैश्विक अर्थव्यवस्था में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।