30 जनवरी : किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के तहत बिना गारंटी ऋण देने के सरकारी दावों के बावजूद राज्य में कई बैंक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। शिकायतें सामने आई हैं कि बैंक जमीन गिरवी रखने के बाद भी किसानों से अतिरिक्त गारंटी या जमानतदार की मांग कर रहे हैं। इस पर नाबार्ड ने कड़ा संज्ञान लिया है।
नाबार्ड ने स्पष्ट किया है कि दो लाख रुपये तक के KCC ऋण पर किसी भी प्रकार की गारंटी नहीं ली जानी चाहिए। यह प्रावधान RBI और नाबार्ड के दिशा-निर्देशों में पहले से मौजूद है। इसके बावजूद अतिरिक्त शर्तें लगाना नियमों का सीधा उल्लंघन है।
ग्रामीण इलाकों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि अनावश्यक औपचारिकताओं के कारण किसानों को ऋण नहीं मिल पा रहा या उन्हें बार-बार बैंक के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इसका सबसे ज्यादा असर छोटे और सीमांत किसानों पर पड़ रहा है।
नाबार्ड के महाप्रबंधक संदीप शर्मा ने कहा कि यह गंभीर मामला है और ऐसे मामलों की जांच कर दोषी बैंक शाखाओं पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में KCC कवरेज अभी केवल 32 फीसदी है, जिसे बढ़ाने की जरूरत है।