चिट्टा तस्करों पर चुनावी शिकंजा: पंचायत चुनाव लड़ने से रोकने को बनेगा नया कानून

30 जनवरी: हिमाचल प्रदेश सरकार चिट्टा तस्करी में संलिप्त लोगों को पंचायत चुनाव लड़ने से रोकने के लिए सख्त कानून लाने जा रही है। राज्य सरकार ने पंचायती राज अधिनियम में संशोधन के लिए विधेयक का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है, जिसे आगामी बजट सत्र में विधानसभा में पेश किया जाएगा।

पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि चिट्टे के साथ पकड़े जाने या तस्करी के मामले में एफआईआर दर्ज होना चुनाव लड़ने से अयोग्यता का आधार बनेगा। विधि विभाग से विस्तृत चर्चा के बाद कानूनी प्रावधानों को अंतिम रूप दिया गया है, ताकि फैसला अदालत में भी टिक सके।

प्रदेश में चिट्टा तस्करी के सैकड़ों मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें पुलिस और अन्य सरकारी कर्मचारी भी शामिल रहे हैं। सरकार पहले ही ऐसे कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर चुकी है और अब पंचायत चुनावों से जुड़े कानून को भी सख्त किया जा रहा है।

राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल पहले ही संकेत दे चुके हैं कि चुनाव लड़ने के अधिकार से वंचित करना संवैधानिक विषय है, इसी कारण सरकार कानूनी रूप से मजबूत प्रावधान जोड़ रही है।

आज जारी हो सकती हैं मतदाता सूचियां

पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के लिए शुक्रवार को मतदाता सूचियां जारी होने की संभावना है। राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला उपायुक्तों को 30 जनवरी तक सूचियां प्रकाशित करने के निर्देश दिए हैं। 31 जनवरी को पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक नियुक्त किए जाएंगे। मतदाता सूचियों का प्रकाशन पंचायत चुनावों की अगली प्रक्रिया तय करेगा।

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