1 अगस्त: राज्य नशा निवारण बोर्ड के संयोजक एवं सलाहकार नरेश ठाकुर ने बणी और बड़सर स्थित नशा मुक्ति केंद्रों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने केंद्रों में दाखिल लोगों को दी जा रही सुविधाओं के साथ-साथ रिकॉर्ड और दैनिक गतिविधियों की भी समीक्षा की।
नरेश ठाकुर ने राज्य नशा निवारण बोर्ड के सदस्य रूबल ठाकुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय अत्री, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद टंडन, बड़सर थाना प्रभारी और अन्य अधिकारियों के साथ बणी स्थित एनएच प्रो-केयर फाउंडेशन तथा बड़सर स्थित एमएच डोर ऑफ होप फाउंडेशन द्वारा संचालित नशा मुक्ति केंद्रों का दौरा किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने दोनों केंद्रों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं, मरीजों के लिए की गई व्यवस्थाओं और केंद्रों के संचालन से संबंधित रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की। उन्होंने केंद्र संचालकों से दैनिक दिनचर्या, उपचार प्रक्रिया और केंद्र में करवाई जा रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी भी ली।
नरेश ठाकुर ने कहा कि नशे की लत से छुटकारा पाने के लिए केंद्रों में पहुंचने वाले लोगों को बेहतर सुविधाओं के साथ सकारात्मक और सहयोगात्मक वातावरण मिलना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि केंद्रों की दैनिक दिनचर्या में रचनात्मक एवं उपयोगी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, जिससे यहां रह रहे लोगों को नशे से बाहर निकलने और सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद मिल सके।
उन्होंने कहा कि राज्य नशा निवारण बोर्ड नशा मुक्ति केंद्रों के बेहतर संचालन और वहां मिलने वाले परिणामों में सुधार के लिए जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा। इन दिशा-निर्देशों के माध्यम से केंद्रों में सुविधाओं, व्यवस्थाओं और गतिविधियों को और बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा।