31 जुलाई: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बघाट बैंक को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार बैंक को डूबने नहीं देगी। सरकार बैंक को वित्तीय संकट से बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है और बैंक से जुड़े करीब 72 हजार परिवारों के हितों की पूरी तरह रक्षा की जाएगी।
सोलन के क्यारीघाट में ई-बसों को रवाना करने के कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि बघाट बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी चाहे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। बैंक को नुकसान पहुंचाने वालों को कानून के तहत सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता बैंक को दोबारा मजबूत करना और जमाकर्ताओं का विश्वास बहाल करना है। लंबे समय से बैंक की वित्तीय स्थिति को लेकर चिंतित खाताधारकों को सरकार के इन प्रयासों से राहत मिलने की उम्मीद है।
बघाट बैंक की कमजोर वित्तीय स्थिति के चलते भारतीय रिजर्व बैंक ने उस पर कैपिंग समेत कई प्रतिबंध लगाए हैं। इन प्रतिबंधों का असर बैंक के सामान्य कामकाज और ग्राहकों के लेन-देन पर भी पड़ा है। स्थिति सुधारने के लिए प्रदेश सरकार ने बैंक के तत्कालीन प्रबंधन बोर्ड को निलंबित कर संचालन की जिम्मेदारी तीन प्रशासकों को सौंपी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक और वित्तीय सुधारों के जरिए बैंक को फिर से मजबूत बनाया जाएगा। साथ ही बैंक में हुई वित्तीय अनियमितताओं की जांच को तेज किया गया है, ताकि जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जा सके।