बर्फीले तूफान में भी अडिग रही श्रद्धा, देवता चुंजवाला की पालकी संग 12 KM पैदल चले देवलू

28 जनवरी:हिमाचल प्रदेश को देवभूमि यूं ही नहीं कहा जाता। यहां की आस्था कई बार प्रकृति की सबसे कठोर परीक्षा को भी मात दे देती है। ऐसा ही एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य मंडी जिले के बालीचौकी उपमंडल में देखने को मिला, जहां भीषण बर्फबारी और कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था डगमगाई नहीं।

मंगलवार को क्षेत्र में मौसम बेहद खराब बना हुआ था। लगातार बर्फबारी हो रही थी और तेज ठंडी हवाओं ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर रखा था। इसके बावजूद आराध्य देवता श्री चुंजवाला को उनके मूल स्थान देवधार से शिवाड़ी ले जाया गया। शिवाड़ी में देवता के एक भक्त के घर निजी देउली (धार्मिक आयोजन) आयोजित की गई थी, जिसमें शामिल होने के लिए देवता की पालकी के साथ दर्जनों देवलू करीब 12 किलोमीटर का सफर पैदल तय करते नजर आए।

यात्रा के दौरान कई स्थानों पर एक फुट से अधिक बर्फ जमी हुई थी और रास्ता बेहद जोखिम भरा था। जहां खराब मौसम के चलते आम लोग घरों में दुबके रहे, वहीं देवलुओं के कदम पूरी आस्था और विश्वास के साथ आगे बढ़ते रहे। वाद्ययंत्रों की गूंज और भक्ति भाव के साथ पूरा काफिला कठिन रास्तों को पार करता रहा।

देवलुओं ने बताया कि देवधार से शिवाड़ी तक की यह यात्रा चुनौतियों से भरी थी। बर्फीला तूफान और ठंड लगातार बनी रही, लेकिन देव भक्ति में लीन होने के कारण किसी को भी थकान या भय महसूस नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि हिमाचलवासियों की अटूट आस्था और देवी-देवताओं का आशीर्वाद ही हर मुश्किल को आसान बना देता है।

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