आवाज़ ए हिमाचल
20 मार्च /परवाणू/कालका क्षेत्र में पुलिस की तत्परता और संवेदनशील कार्यशैली का एक और सराहनीय उदाहरण सामने आया है, जहां 20 वर्षीय युवक के अचानक लापता होने के बाद महज चार दिनों के भीतर उसे सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया गया। जानकारी के अनुसार युवक 16 मार्च की सुबह बिना किसी को बताए घर से निकल गया था, जिसके बाद परिजनों ने अपने स्तर पर काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग न मिलने पर 17 मार्च को थाना कालका में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत मिलते ही पंचकूला पुलिस हरकत में आ गई और मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच जैसे मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग, सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ मानवीय इनपुट के आधार पर भी व्यापक जांच शुरू की गई। जांच के दौरान सामने आया कि युवक नई दिल्ली और पटियाला सहित विभिन्न शहरों में घूम रहा था, जिसके बाद इंस्पेक्टर मनसा राम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए संभावित स्थानों पर दबिश दी और आखिरकार चार दिन के भीतर युवक को सुरक्षित ढूंढ निकाला। युवक की सकुशल घर वापसी से जहां परिवार में खुशी का माहौल है, वहीं परिजनों ने पुलिस का दिल से आभार जताते हुए कहा कि पुलिस की सक्रियता और समर्पण के चलते ही उनका बेटा सुरक्षित लौट सका। इस संबंध में डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने कहा कि गुमशुदगी के मामलों में समय पर दी गई सूचना बेहद अहम होती है, जिससे पुलिस तुरंत कार्रवाई कर पाती है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि किसी भी व्यक्ति के लापता होने पर बिना देरी किए नजदीकी थाने या हेल्पलाइन पर सूचना दें। यह पूरी घटना एक बार फिर दर्शाती है कि पुलिस की मुस्तैदी, तकनीकी दक्षता और समर्पण किसी भी संकट में परिवारों के लिए सबसे बड़ी राहत और सुरक्षा की गारंटी बन सकती है।