25 मार्च: गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन निवासी हरीश राणा ने 13 साल तक गंभीर स्थिति में रहने के बाद आखिरकार दम तोड़ दिया। वर्ष 2013 में चंडीगढ़ में पढ़ाई के दौरान हॉस्टल से गिरने के बाद वह स्थायी रूप से अचेत अवस्था में चले गए थे।
लंबे समय तक इलाज के बाद जब कोई सुधार नहीं हुआ, तो परिवार ने न्यायालय का रुख किया। सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद हरीश को सम्मानजनक विदाई दी गई।
इस दौरान उनके पिता ने बेटे की देखभाल के लिए नौकरी छोड़ दी और छोटे-मोटे काम कर परिवार चलाया।
हरीश के निधन के बाद परिवार ने अंगदान का फैसला लिया, जिससे जरूरतमंदों को नई जिंदगी मिल सकेगी। उनके निधन से हिमाचल के उनके पैतृक गांव सहित हर जगह शोक की लहर है।