28 जनवरी: हिमाचल प्रदेश में बीती रात भारी बर्फबारी और बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। पहाड़ी क्षेत्रों में जबरदस्त हिमपात हुआ, जबकि निचले इलाकों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। इसी बीच चंबा जिले के भरमौर उपमंडल से बड़ी घटना सामने आई है।
भरमौर की पूलन पंचायत स्थित ओट नाला में बीती रात एक ग्लेशियर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से दो पिकअप वाहन और तीन दुकानें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले करीब 50 वर्षों में पहली बार इतनी बड़ी ग्लेशियर गिरने की घटना हुई है, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। वहीं लाहौल-स्पीति में रात करीब 10:30 बजे तेज बर्फीला तूफान चला, जिससे लोग सहम गए।
पर्यटन स्थलों पर भारी हिमपात
प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भारी बर्फबारी दर्ज की गई।
- रोहतांग दर्रे में 3 फुट
- केलांग में 2 फुट
- गोंदला व भरमौर में 1.5 फुट
- कुफरी में 6 इंच, नारकंडा में 8 इंच
- जाखू में 3 इंच और रिज मैदान पर 1 इंच बर्फ गिरी
इससे चंबा, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और अपर शिमला के सैकड़ों गांवों का संपर्क जिला मुख्यालयों से कट गया है।
सड़कें बनीं जानलेवा
बर्फबारी के बाद सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है। मनाली में फिसलन के कारण एक कार 360 डिग्री घूम गई, हालांकि बड़ा हादसा टल गया। प्रशासन ने वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह जारी की है।
850 से ज्यादा सड़कें बंद
भारी हिमपात के चलते प्रदेश में 3 नेशनल हाईवे समेत 850 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं।
शिमला-रामपुर-किन्नौर एनएच, ठियोग-रोहड़ू मार्ग, मनाली-केलांग, चंबा-भरमौर एनएच और एनएच-305 सहित कई अहम मार्ग अवरुद्ध हैं। धूप निकलने के बाद बर्फ हटाने का काम शुरू कर दिया गया है।
बिजली संकट गहराया
बर्फबारी से प्रदेश में 3200 से ज्यादा ट्रांसफॉर्मर ठप हो गए हैं, जिनमें से करीब 1500 पिछले छह दिनों से बंद हैं। सैकड़ों गांवों में अंधेरा पसरा हुआ है।
तापमान में भारी गिरावट
प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है। ऊना में तापमान 12.8 डिग्री तक पहुंच गया। लाहौल-स्पीति, किन्नौर, पांगी और भरमौर में पानी की पाइपलाइनें और टंकियां जमने से पीने के पानी की किल्लत खड़ी हो गई है।