हिमाचल दौरे पर संजय गाबा का बड़ा आह्वान — मजदूरों की आवाज अब पहुंचेगी राष्ट्रीय मंच तक

आवाज़ ए हिमाचल

21 मार्च 2026/ हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर दौरे पर पहुंचे नेशनल इंटक उपाध्यक्ष संजय गाबा ने अपने सशक्त नेतृत्व और मजदूर हितों के प्रति स्पष्ट प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए संगठन को नई दिशा देने का काम किया। उनके नेतृत्व में हिमाचल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन एवं मनरेगा मजदूर यूनियन की कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें जिला इंटक अध्यक्ष रूप सिंह ठाकुर, उपाध्यक्ष धर्म सिंह सहगल, जिला कुल्लू अध्यक्ष खिमी राम चौहान, बिलासपुर महासचिव रमेश कुमार, झंडुता ब्लॉक अध्यक्ष चैन सिंह, घुमारवीं ब्लॉक अध्यक्ष सोहनलाल करालिया, महासचिव जगदीश कुमार, वीणा कुमारी, शालू शर्मा, मोनिका, शालू देवी, प्रेम लाल भाटिया सहित कई पदाधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश यूथ इंटक अध्यक्ष जसविंदर सिंह और प्रदेश इंटक उपाध्यक्ष यशपाल ठाकुर की उपस्थिति ने बैठक को और भी महत्वपूर्ण बना दिया।

बैठक के दौरान संजय गाबा ने केंद्र सरकार की नीतियों पर खुलकर सवाल उठाते हुए कहा कि मनरेगा मजदूरों को पहले की तरह नियमित रोजगार नहीं मिल पा रहा है, जिससे गरीब और श्रमिक वर्ग की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों का जीवन-यापन मनरेगा पर निर्भर था, आज वे सबसे ज्यादा संकट का सामना कर रहे हैं और सरकार की उदासीनता इस स्थिति को और गंभीर बना रही है।

संजय गाबा ने “मनरेगा बचाओ अभियान” की औपचारिक शुरुआत करते हुए पूरे हिमाचल प्रदेश में व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल विरोध तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मजदूरों की वास्तविक स्थिति और उनकी समस्याओं को राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। इस अभियान के तहत प्रदेश की लगभग 3000 ग्राम पंचायतों में जाकर मनरेगा जॉब कार्ड धारकों से हस्ताक्षर करवाए जाएंगे और इन सभी दस्तावेजों को एकत्रित कर राहुल गांधी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर मजदूरों के मुद्दों को मजबूती से उठाया जा सके। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे गांव-गांव जाकर मजदूरों को जागरूक करें और इस अभियान को जन आंदोलन का रूप दें।

अपने दौरे के दौरान संजय गाबा ने निर्माणाधीन मजदूर सदन का निरीक्षण भी किया और इसे हिमाचल प्रदेश में इंटक की एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह मजदूर सदन भविष्य में न केवल संगठन का मुख्य केंद्र बनेगा, बल्कि यहां जिला और राज्य स्तर के कार्यालय, विभिन्न यूनियनों के दफ्तर, एक आधुनिक कॉन्फ्रेंस हॉल और बाहर से आने वाले पदाधिकारियों के लिए ठहरने की सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। उन्होंने इस परियोजना को मजदूर एकता और संगठन की मजबूती का प्रतीक बताते हुए कहा कि इससे आने वाले समय में इंटक की गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

संजय गाबा ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए इंटक हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार है और किसी भी सूरत में मजदूरों के हक छीने नहीं जाने दिए जाएंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि यह लड़ाई लंबी जरूर है, लेकिन संगठन की एकजुटता और मजबूत रणनीति के बल पर इसे जरूर जीता जाएगा। अपने दौरे के अंत में उन्होंने घोषणा की कि वह अप्रैल 2026 में दोबारा हिमाचल प्रदेश आएंगे और मजदूर सदन के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए 51,000 रुपये का आर्थिक सहयोग भी प्रदान करेंगे।

संजय गाबा के इस दौरे ने न केवल संगठन के भीतर नई ऊर्जा का संचार किया, बल्कि प्रदेशभर में मजदूरों के मुद्दों को लेकर एक मजबूत संदेश भी दिया है कि अब उनकी आवाज दबने वाली नहीं है। यह दौरा आने वाले समय में मजदूर आंदोलन को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है और इंटक के नेतृत्व में यह अभियान एक बड़े जन आंदोलन का रूप ले सकता है।

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