स्कूलों में मुफ्त सैनेटरी पैड अनिवार्य, सुप्रीम कोर्ट सख्त; नियम न मानने पर मान्यता रद्द

30 जनवरी: स्कूली छात्राओं के स्वास्थ्य को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने सभी राज्यों को सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में छात्राओं के लिए मुफ्त सैनेटरी पैड उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।

जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं के लिए केंद्र सरकार की मासिक धर्म स्वच्छता नीति को देशभर में लागू करने को कहा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मासिक धर्म स्वच्छता, संविधान के तहत जीवन के मौलिक अधिकार का हिस्सा है।

कोर्ट ने निजी स्कूलों को चेतावनी दी है कि यदि वे लड़कियों-लड़कों के लिए अलग शौचालय और सैनेटरी पैड की व्यवस्था नहीं करते हैं, तो उनकी मान्यता रद्द की जा सकती है।

इसके अलावा, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्कूलों में महिला-पुरुष छात्रों के लिए अलग-अलग और दिव्यांग-अनुकूल शौचालय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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