20 फरवरी: हिमाचल प्रदेश के सोलन स्थित पंजीकरण एवं लाइसेंसिंग प्राधिकरण (RLA) में सामने आए कथित फर्जी वाहन पंजीकरण मामले की जांच अब जटिल चरण में पहुंच गई है। अवैध रूप से पंजीकृत किए गए तीन ट्रकों का अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस को सोलन और बिलासपुर के झंडूता क्षेत्र में इन वाहनों का पता नहीं चला है। आशंका जताई जा रही है कि ट्रकों को उत्तर प्रदेश में कहीं स्थानांतरित कर दिया गया हो सकता है।
जांच के दौरान पता चला है कि फर्जी आईडी के माध्यम से इन ट्रकों का पंजीकरण किया गया था। संबंधित डिजिटल डेटा का सर्वर दिल्ली में स्थित होने के कारण सोलन पुलिस ने दिल्ली पुलिस से संपर्क कर उन आईपी एड्रेस की जानकारी मांगी है, जिनसे कथित फर्जी आईडी संचालित की गई थीं। पुलिस का मानना है कि तकनीकी साक्ष्य मिलने के बाद पूरे नेटवर्क की कड़ियां स्पष्ट हो सकेंगी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरएलए के एक क्लर्क के नाम पर दो फर्जी आईडी तैयार की गईं और बिना मोटर वाहन निरीक्षक (MVI) के सत्यापन के उत्तर प्रदेश के तीन ट्रकों को सोलन के शामती गांव के पते पर पंजीकृत कर दिया गया। मामले का खुलासा तब हुआ जब झंडूता (बिलासपुर) के MVI ने परमिट जारी करने से पूर्व सोलन प्रशासन से सत्यापन रिपोर्ट मांगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित क्लर्क को निलंबित कर दिया गया है। एसडीएम सोलन की प्रारंभिक जांच में कार्यालय के रिकॉर्ड में इन ट्रकों का आधिकारिक विवरण नहीं मिला, जिसके बाद प्राथमिकी दर्ज की गई।
सोलन के पुलिस अधीक्षक टी. साई दतात्रेय वर्मा ने बताया कि तीनों ट्रक झंडूता में नहीं मिले हैं और उन्हें ट्रेस करने के लिए पुलिस टीमें सक्रिय हैं। साथ ही, दिल्ली से तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं ताकि पूरे मामले की तह तक पहुंचा जा सके।