आवाज़ ए हिमाचल
25 फ़रवरी /औद्योगिक नगरी परवाणू में प्राकृतिक नालों में अवैध डंपिंग को लेकर नगर परिषद ने सख्ती दिखाते हुए एक व्यावसायिक संस्था के खिलाफ कार्रवाई की है। बुधवार को सेमतल नाले में वेस्ट मिट्टी डाले जाने की शिकायत मिलने के बाद परिषद की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 10 हजार रुपये का चालान काटा।
बताया जा रहा है कि शहर के कई प्राकृतिक नालों में लंबे समय से निर्माण मलबा और वेस्ट सामग्री डाले जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने के साथ पर्यावरण पर भी असर पड़ रहा है। इसी क्रम में मिली ताजा सूचना के बाद नगर परिषद ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित इकाई पर जुर्माना लगाया।
नगर परिषद अधिकारियों के अनुसार, पहले भी इसी तरह का मामला सामने आने पर संबंधित पक्ष पर चालान किया जा चुका है। परिषद ने साफ किया है कि प्राकृतिक नालों को डंपिंग साइट की तरह इस्तेमाल करने वालों को अब किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
कार्यकारी अधिकारी संदीप कुमार ने कहा कि शहर में अवैध डंपिंग पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। कैमरों में दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने स्थानीय उद्योग प्रबंधन और नागरिकों से अपील की कि निर्माण वेस्ट को नालों में फेंकने के बजाय निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें।
उन्होंने यह भी बताया कि नगर परिषद वैज्ञानिक तरीके से निर्माण मलबे के निस्तारण के लिए उपयुक्त डंपिंग साइट चिन्हित करने की दिशा में काम कर रही है। तब तक किसी भी नदी-नाले में वेस्ट सामग्री डालना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
नगर परिषद की इस कार्रवाई को शहर में पर्यावरण संरक्षण और जल निकासी तंत्र को सुरक्षित रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।