28 मार्च: जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र की सालवाला पंचायत स्थित प्राचीन महाकालेश्वर मंदिर में एक मौनी बाबा की अनोखी साधना इन दिनों लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। नवरात्र के दौरान बाबा ने नौ दिनों तक कठिन तपस्या करते हुए विशेष साधना की, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।
जानकारी के अनुसार, पांवटा साहिब से करीब 15 किलोमीटर दूर गिरि नदी किनारे स्थित इस मंदिर में मौनी बाबा पिछले दो वर्षों से मौन व्रत का पालन कर रहे हैं। वे अपनी बात लिखकर व्यक्त करते हैं और सामान्य दिनों में भी सीमित फलाहार लेते हैं।
नवरात्र के दौरान बाबा लगातार एक ही अवस्था में साधना करते रहे और अन्न का त्याग कर तपस्या में लीन रहे। नवरात्रि समापन के दिन उन्होंने विधिवत रूप से अपना व्रत पूर्ण किया। बाबा का कहना है कि उनका मौन व्रत जून माह में पूर्ण होगा और यह साधना आत्मअनुशासन व आध्यात्मिक उद्देश्य से की जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बाबा पहले भी कई कठिन साधनाएं कर चुके हैं और साधारण जीवन व्यतीत करते हैं। उनकी इस तपस्या को लेकर क्षेत्र में आस्था और जिज्ञासा दोनों देखने को मिल रही है।
वहीं, आयुष विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की साधनाएं लंबे अभ्यास और अनुशासन के बाद ही संभव होती हैं। बिना उचित मार्गदर्शन के ऐसे प्रयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं।