18 फरवरी: सरस्वती विद्या मंदिर उच्च विद्यालय औहर में वार्षिक उत्सव हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश सहकारी समिति के सहायक रजिस्ट्रार पद से सेवानिवृत्त कृष्ण लाल वीणा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि अध्यक्षता भारतीय सेना से सेवानिवृत्त कैप्टन एवं हिमाचल शिक्षा समिति जिला इकाई बिलासपुर के अध्यक्ष विजय चंदेल ने की।
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में संस्कारयुक्त शिक्षा की विशेष आवश्यकता है। उन्होंने सरस्वती विद्या मंदिरों में दी जा रही शिक्षा को समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताया। अध्यक्षीय संबोधन में विजय चंदेल ने विद्यार्थियों से माता-पिता और गुरुओं का सम्मान करने तथा भारतीय संस्कृति के आदर्शों का पालन करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, संस्कार आधारित नाटक, लोकनृत्य, कविताएं तथा पहाड़ी और पंजाबी नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित जनसमूह की सराहना प्राप्त की।
इस अवसर पर शैक्षणिक, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि द्वारा स्मृति-चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
प्रधानाचार्या मीना शर्मा ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए विद्यालय की उपलब्धियों और भावी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विद्यालय संस्कारित शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने के लिए भी प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में प्रकाश चंद, छोटा राम, सीता राम, रूप सिंह, कीर्ति शर्मा, सुनीता देवी और प्रमिला देवी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। हिमाचल शिक्षा समिति जिला इकाई बिलासपुर के जिला मंत्री ओंकार, प्रबंध समिति अध्यक्ष सतीश नड्डा, प्रबंधक मदन लाल, कोषाध्यक्ष नंद लाल तथा सदस्य सुमन भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।