12 फरवरी: हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों में मोबाइल फोन और निजी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शिक्षा सचिव राकेश कंवर की ओर से जारी इन गाइडलाइनों के तहत छात्रों द्वारा स्कूल परिसर में मोबाइल फोन और अन्य निजी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लाने व उपयोग करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
प्रतिबंधित उपकरणों में स्मार्टवॉच, फिटबिट, हेडफोन, गैर-शैक्षणिक टैबलेट/आईपैड, म्यूजिक प्लेयर और हैंडहेल्ड गेमिंग डिवाइस शामिल हैं। स्कूल परिसर में इन उपकरणों को लाना या रखना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
यदि कोई छात्र मोबाइल या अन्य प्रतिबंधित उपकरण के साथ पाया जाता है, चाहे वह उसका उपयोग न भी कर रहा हो, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। बार-बार नियम तोड़ने पर निष्कासन तक का प्रावधान रखा गया है। स्कूल प्रबंधन समिति के परामर्श से जुर्माना भी लगाया जा सकता है। अभिभावकों को बैठकों में इन नियमों की स्पष्ट जानकारी दी जाएगी।
शिक्षक कक्षा, प्रयोगशाला, परीक्षा या अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करेंगे, सिवाय शैक्षणिक या आपात स्थिति के। मोबाइल का उपयोग केवल डिजिटल कंटेंट, उपस्थिति, लर्निंग एप्स या आधिकारिक कार्य के लिए ही किया जा सकेगा। स्कूल समय में मोबाइल साइलेंट मोड पर रखना अनिवार्य होगा।
गंभीर स्वास्थ्य या सुरक्षा कारणों से अभिभावक की लिखित अनुमति पर ही किसी छात्र को मोबाइल लाने की अनुमति दी जाएगी। ऐसे मामलों में भी छात्र को फोन स्कूल के निर्धारित स्थान पर जमा करना होगा और केवल अवकाश के दौरान उपयोग की अनुमति होगी।
शिक्षकों द्वारा सोशल मीडिया, गेमिंग या गैर-शैक्षणिक वीडियो/ऑडियो का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। छात्रों की फोटो या वीडियो बिना प्रधानाचार्य या स्कूल प्रबंधन समिति की अनुमति के रिकॉर्ड नहीं की जा सकेगी। नियमों के पालन की जिम्मेदारी संबंधित स्कूल के प्रधानाचार्य/मुख्य शिक्षक की होगी और उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी।