बीबीएन , 26 जनवरी , कविता शांति गौतम :
कुल्हाड़ीवाला गांव में सरकारी भूमि पर किए गए एक निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। रविवार को गांव के युवाओं ने इस निर्माण पर सवाल उठाते हुए इसे सरकारी भूमि पर किया गया कार्य बताया और इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग 2.8 बीघा भूमि सरकारी है, जिस पर निर्माण कार्य किया गया है। उनका कहना है कि पहले इस क्षेत्र में डंगा लगाने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में यहां स्थायी निर्माण किया गया। ग्रामीणों का दावा है कि यह निर्माण कोरोना काल के दौरान हुआ, जबकि इसे कई दशक पुराना बताया जा रहा है।
गांव के युवाओं विक्रम, कुलदीप, कश्मीर सिंह, हेमराज, जसपाल और निर्मल ने कहा कि निर्माण से जुड़े तथ्यों को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने बताया कि गांव में पहले से ही धार्मिक स्थल मौजूद हैं और नए निर्माण को लेकर ग्रामीणों में असमंजस है।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2016 में यह क्षेत्र पहाड़ी के रूप में था, जिसे समतल किया गया और बाद में निर्माण कार्य हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना स्पष्ट अनुमति के किया गया यह निर्माण भविष्य में प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए समस्या बन सकता है।
इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने उपायुक्त को शिकायत पत्र सौंपते हुए पूरे प्रकरण की जांच कराने और यदि निर्माण अवैध पाया जाता है तो उचित कार्रवाई की मांग की है।