शर्तों में बंधी केंद्र की मदद: हिमाचल को 545 करोड़ की विशेष ऋण सहायता, नियम टूटे तो कटेगा हिस्सा

23 जनवरी : केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान पूंजीगत निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश को 545 करोड़ रुपये की विशेष ऋण सहायता प्रदान की है। हालांकि यह सहायता कड़ी शर्तों और चेतावनी के साथ दी गई है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यह राशि केवल उन्हीं पूंजीगत परियोजनाओं पर खर्च की जा सकेगी, जिन्हें केंद्र सरकार से पूर्व स्वीकृति मिली हुई है।

केंद्र ने चेताया है कि यदि इस धनराशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य से हटकर किया गया, तो भविष्य में राज्य को मिलने वाले टैक्स डिवोल्यूशन से इसकी सीधी कटौती की जाएगी। यही नहीं, राशि के गलत इस्तेमाल की स्थिति में राज्य को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।

पत्र में यह भी निर्देश दिए गए हैं कि केंद्र से प्राप्त राशि को 10 कार्यदिवस के भीतर संबंधित कार्यान्वयन एजेंसियों को जारी करना अनिवार्य होगा। यदि तय समयसीमा में राशि जारी नहीं होती है, तो देरी की अवधि के लिए राज्य सरकार को 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड (ओपन मार्केट ऋण) की ब्याज दर से केंद्र को ब्याज चुकाना पड़ेगा। वहीं, स्वीकृत परियोजनाओं में किसी भी प्रकार के बदलाव से पहले भारत सरकार की अनुमति लेना आवश्यक होगा।

31 मार्च तक खर्च जरूरी केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि जारी की गई राशि का उपयोग 31 मार्च तक अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए। बिना वास्तविक भुगतान के किसी एजेंसी के पास राशि रोके रखना, जिसे फंड्स की पार्किंग कहा जाता है, व्यय नहीं माना जाएगा और इसे योजना की शर्तों का उल्लंघन माना जाएगा।

शहरी निकायों को भी मिली राशि इसके अलावा 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के 56 शहरी निकायों को 88.91 करोड़ रुपये का अनुदान जारी किया है। इसमें 35.56 करोड़ रुपये अनटाइड बेसिक ग्रांट और 53.35 करोड़ रुपये टाइड ग्रांट शामिल हैं।

अनटाइड ग्रांट का उपयोग शहरी निकाय अपनी जरूरतों के अनुसार कर सकेंगे, लेकिन इसे वेतन या स्थापना खर्च पर खर्च नहीं किया जा सकेगा। वहीं टाइड ग्रांट का उपयोग पेयजल, वर्षा जल संचयन और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर समान रूप से करना अनिवार्य होगा। केंद्र ने निर्देश दिए हैं कि यह राशि 10 कार्यदिवस के भीतर बिना किसी कटौती शहरी निकायों को जारी की जाए।

Social Sharing

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *