28 मार्च: हिमाचल प्रदेश विधानसभा में स्मार्ट मीटर और निजी स्कूलों की फीस को लेकर अहम चर्चा हुई, जिसमें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्पष्ट किया कि यदि किसी उपभोक्ता का स्मार्ट मीटर बिल अधिक आता है, तो उसे तुरंत ठीक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता सीधे संबंधित डिवीजन के अधिशासी अभियंता से संपर्क कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर लगाना केंद्र सरकार की योजना का हिस्सा है, और इसे लागू न करने पर राज्य को मिलने वाली आर्थिक सहायता प्रभावित हो सकती है।
सीएम ने यह भी जानकारी दी कि आरडीएसएस योजना के तहत स्मार्ट मीटरिंग और लॉस रिडक्शन का कार्य जारी है, जिसे अब दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पुराने मीटरों की खराबी को भी बिल में अंतर का एक कारण बताया गया।
वहीं, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने निजी स्कूलों द्वारा वसूली जा रही मनमानी फीस पर सख्ती के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि सरकार फीस नियंत्रण के लिए नियमों में संशोधन पर विचार कर रही है। इसके लिए अन्य राज्यों के मॉडल का अध्ययन किया जा रहा है, ताकि अभिभावकों को राहत मिल सके।
इसके अलावा, रामशहर कॉलेज के निर्माण को लेकर भी जानकारी दी गई। शिक्षा मंत्री ने बताया कि कॉलेज का 69 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य के लिए 6.62 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। हालांकि, उन्होंने कॉलेज में छात्रों की कम संख्या पर चिंता भी जताई।