26 फरवरी, तरसेम जरयाल: राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में CSCA (महाविद्यालय छात्र केंद्रीय संघ) के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय सभागार में उत्साह एवं गरिमामय वातावरण के बीच हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
अपने संबोधन में प्राचार्य प्रो. पठानिया ने कहा कि सांस्कृतिक गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सृजनात्मक सोच को प्रोत्साहित करते हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. नरेश शर्मा के स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने अतिथियों, प्राध्यापकों और विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए इसे प्रतिभा और उत्साह का पर्व बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता CSCA अध्यक्ष ने की, जबकि संयोजक प्रो. अंजली शर्मा ने विद्यार्थियों को अधिक से अधिक सहभागिता के लिए प्रेरित किया। मंच संचालन की संपूर्ण व्यवस्था हेड स्टेज कोऑर्डिनेटर जानवी के नेतृत्व में सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुई।
प्रथम दिवस पर विद्यार्थियों की बहुआयामी प्रतिभा को मंच प्रदान करते हुए एकल गायन, एकल नृत्य, वाद्य-यंत्र, काव्य-पाठ, रंगोली, लिखणु तथा पेंटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी कला, अभिव्यक्ति और रचनात्मकता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
एकल गायन और वाद्य-यंत्र प्रस्तुतियों ने सभागार को सुरमयी बना दिया, वहीं काव्य-पाठ में विद्यार्थियों ने साहित्यिक संवेदनाओं और सामाजिक विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। एकल नृत्य प्रतियोगिता की विविध प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। ललित कला प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता और सृजनात्मक दृष्टि स्पष्ट रूप से झलकी।
मंच संचालन रोनित बलौरिया, वंशिका पटियाल, अभय कपूर, हर्षित एवं राज पठानिया ने प्रभावशाली ढंग से किया। निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों के आत्मविश्वास, प्रस्तुति और मौलिकता की सराहना की।
सम्पूर्ण आयोजन अनुशासन, उत्साह और सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण रहा। यह सांस्कृतिक उत्सव विद्यार्थियों के लिए प्रतिभा प्रदर्शन का सशक्त मंच साबित हुआ तथा महाविद्यालय के सांस्कृतिक वातावरण में नई ऊर्जा का संचार करने में सफल रहा।