आवाज़ ए हिमाचल
25 फरवरी /औद्योगिक नगरी परवाणू में बुधवार को भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने अपने राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत कर्मचारियों और मजदूरों की लंबित मांगों को लेकर जोरदार तरीके से आवाज उठाई। प्रदेश कोषाध्यक्ष अमी चंद डोगरा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्रित हुए और सरकार के समक्ष श्रमिकों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री को अलग-अलग ज्ञापन भेजकर कर्मचारियों के हितों की रक्षा तथा उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की।
प्रधानमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में देशभर के मजदूरों से जुड़े विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। इसमें श्रम कानूनों में आवश्यक सुधार, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत करने, वेतन और रोजगार से जुड़े अधिकारों की रक्षा करने सहित अन्य महत्वपूर्ण मांगों को शामिल किया गया। वहीं मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में हिमाचल प्रदेश के सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों में कार्यरत कर्मचारियों की स्थानीय समस्याओं, सेवा शर्तों में सुधार, लंबित मांगों के निस्तारण और कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।
इस अवसर पर अमी चंद डोगरा ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ हमेशा से कर्मचारियों और मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से लड़ता रहा है। उन्होंने बताया कि संगठन के आह्वान पर देशभर में तहसील, उपमंडल और जिला स्तर पर एक साथ ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं, जिससे सरकार तक मजदूर वर्ग की आवाज मजबूती से पहुंचे। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया तो संगठन चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को और तेज करेगा।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत मजदूर कई प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और उनकी मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द सकारात्मक निर्णय लेकर कर्मचारियों और मजदूरों को राहत प्रदान करेगी। ज्ञापन सौंपने के बाद कार्यकर्ताओं ने एकजुटता का संदेश देते हुए मजदूर हितों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष जारी रखने का संकल्प भी दोहराया।